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Advocate's Roll - एडवोकेट्स रोल

 एडवोकेट्स रोल

एडवोकेट्स एक्ट, 1961 की धारा 17 के अनुसार, हर स्टेट बार काउंसिल एडवोकेट्स का एक रोल तैयार करेगी और उसे बनाए रखेगी। इसमें दो भाग होंगे। पहले भाग में सीनियर एडवोकेट्स की लिस्ट होगी और दूसरे भाग में अन्य एडवोकेट्स होंगे।

जब एक ही दिन में एक से ज़्यादा एडवोकेट एनरोल होते हैं, तो उनकी उम्र के हिसाब से उनके नाम क्रम में दर्ज किए जाएंगे।

एडवोकेट्स रोल में निम्नलिखित डिटेल्स बताई जानी चाहिए।

नाम, जन्म तिथि, स्थायी पता, उनकी शिक्षा के बारे में डिटेल्स, वह जगह जहाँ वे प्रैक्टिस करना चाहते हैं, आदि।

कोई भी व्यक्ति एक से ज़्यादा बार काउंसिल में खुद को एडवोकेट के तौर पर एनरोल नहीं कर सकता। जिस व्यक्ति का नाम एक राज्य के रोल में रजिस्टर्ड है, वह बार काउंसिल ऑफ इंडिया को एप्लीकेशन देकर सही कारणों से अपना नाम दूसरे राज्य के रोल में ट्रांसफर करवा सकता है। अगर ट्रांसफर का कोई सही कारण नहीं है या उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही है, तो ट्रांसफर एप्लीकेशन खारिज कर दी जाएगी। (धारा 18)

जब भी नए एडवोकेट शामिल किए जाते हैं या रोल से नाम हटाए जाते हैं, तो स्टेट बार काउंसिल को एडवोकेट्स रोल की एक प्रमाणित कॉपी बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजनी चाहिए। (धारा 19)

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